10/06/2016

पत्थर

-पत्थर -

पत्थर की ठोकर
होती  कहाँ  बेकार
सिखाता है नया
कुछ न कुछ हर बार
उस पत्थर से पूछो
करता आपका काम
होता फ़िर भी बदनाम
बेचारा ताकता भर नजर
लगाने को ठोकर
फ़िर भी लोग कहते पत्थर ॥

शशि पाण्डेय ।

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